Friday, 28 September 2018

Portable Desktop Computer


Units of Computer Memory


Lan Man Wan Network

LAN जिसका फुल फॉर्म है लोकल एरिया नेटवर्क (Local Area Network) जिसका यूज़ हम लोकल एरिया में जितने भी नेटवर्क होते है उन्हे कनेक्ट करने के लिए यूज़ करते है इसके बाद आता है Man नेटवर्क जिसका फुल फॉर्म होता है मेट्रोपोलीटन एरिया नेटवर्क (Metropolitan area network) जिसका यूज़ एक सिटी (city) नेटवर्क को कनेक्ट करने के लिए यूज़ किया जाता है फिर इसके बाद आता है Wan जिसे हम कहते है वाइड एरिया नेटवर्क (Wide Area Network) जिसे यूज़ एक देश को कनेक्ट करने के लिए प्रयोग किया जाता है


What Is Router ?

Routers छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं जो वायर्ड या वायरलेस कनेक्शन के माध्यम से कई कंप्यूटर नेटवर्क को कनेक्‍ट करते हैं।
Routers डिवाइस में सॉफ़्टवेयर होता हैं जो किसी विशेष ट्रांसमिशन के लिए, उपलब्ध paths का सर्वोत्तम path निर्धारित करने में सहायता करते हैं।
आसन भाषा में Router एक कंप्‍यूटर नेटवर्क को दूसरे कंप्‍यूटर नेटवर्क से कनेक्‍ट करता हैं या एक कंप्‍यूटर नेटवर्क को इंटरनेट से कनेक्‍ट करता हैं।
इसलिए Route कि पोजिशन आपके मॉडेम और कंप्यूटर के बीच होती है।
नेटवर्क को इंटरनेट से कनेक्‍ट करने के लिए Route मॉडेम से कनेक्‍ट होना चाहिए। इसलिए, अधिकांश राउटर में एक विशिष्ट ईथरनेट पोर्ट होता है जिसे केबल या डीएसएल मॉडेम के ईथरनेट पोर्ट से कनेक्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Friday, 13 January 2017

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं!

*मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं!*

🙏आप को और आप के पूरे परिवार को हार्दिक बधाई , सब का जीवन मंगलमय रहे , सुखः , शान्ति , समृद्धि बनी रहे, जय हिंद , जय भारत 🇮🇳


मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार है। यह पर्व पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है।  पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तब इस संक्रांति को मनाया जाता है। यह त्यौहार  अधिकतर जनवरी माह की चौदह तारीख को मनाया जाता है। कभी-कभी यह त्यौहार बारह, तेरह या पंद्रह को भी हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य कब धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं।


मकर संक्रांति से कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं।

कहा जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाया करते हैं। शनिदेव चूंकि मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा उनसे मिली थीं। यह भी कहा जाता है कि गंगा को धरती पर लाने वाले महाराज भगीरथ ने अपने पूर्वजों के लिए इस दिन तर्पण किया था। उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी। इसलिए मकर संक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है।

महाभारत काल के महान योद्धा भीष्म पितामह ने भी अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का ही चयन किया था।

इस त्यौहार को अलग-अलग प्रांतों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। मकर संक्रांति को तमिलनाडु में पोंगल के रूप में तो आंध्रप्रदेश, कर्नाटक व केरला में यह पर्व केवल संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है।

इस दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी व सभी असुरों के सिरों को मंदार पर्वत में दबा दिया था। इस प्रकार यह दिन बुराइयों और नकारात्मकता को खत्म करने का दिन भी माना जाता है।

यशोदा जी ने जब कृष्ण जन्म के लिए व्रत किया था तब सूर्य देवता उत्तरायण काल में पदार्पण कर रहे थे और उस दिन मकर संक्रांति थी। कहा जाता है तभी से मकर संक्रांति व्रत का प्रचलन हुआ।

www.comdoctorindia.blogspot.in